गुरु हरि गोविंद जयंती || Guru Hari Govind Jayanti in hindi || now gyan

गुरु हरि गोविंद सिंह सिखों के 10वें  गुरु थे। गुरु हरि गोविंद सिंह जी ने साहिब गुरुद्वारे में 4 साल व्यतीत किए ,इसीलिए आज भी सिख धर्म के लोग इस स्थान को महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं, तथा इस गुरुद्वारे की स्थापना करके उन्होंने दशम ग्रंथ की स्थापना भी की थी। यहां मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

हरि गोविंद जयंती कब मनाई जाती है :-

इसे प्रकाश पर्व के नाम से भी मनाया जाता है।

s.no.जयंती || Jayanti दिन || day
1.गुरु हरि गोविंद जयंती 20202 जनवरी
2.गुरु हरि गोविंद जयंती 202120 जनवरी
3.गुरु हरि गोविंद जयंती 20229 जनवरी
4.गुरु हरि गोविंद जयंती 202417 जनवरी
5.गुरु हरि गोविंद जयंती 202527 दिसंबर
हरि-गोविंद-जयंती-कब-है

इस प्रकार प्रत्येक वर्ष गुरु हरि गोविंद सिंह जी की जयंती मनाई है।

कैसे मनाई जाती है गुरु हरि गोविंद जयंती :-

 हरि गोविंद सिंह जयंती सिक्कों में मनाई जाती है , क्योंकि हरि गोविंद सिंह सिख गुरु थे। सिख लोग हरि गोविंद सिंह जयंती निम्न वत रूप से प्रतिवर्ष मनाते हैं :-

  1. इस दिन सिखों द्वारा सुबह प्रभातफेरी निकाली जाती है।
  2. इस दिन गुरुद्वारों में सारे दिन कृतन होता है तथा लंगर भी लगाए जाते हैं।
  3. सिखों द्वारा गुरुद्वारे में से सेवा भी की जाती है। वहीं कई जगह इस दिन खालसा पथ की झांकियां भी निकाली जाती है।
  4. इस दिन कुछ सिख लोग अपने घरों में भी कीर्तन करते हैं।
  5. सभी सिख धर्म के लोग आपसी भाईचारे के साथ हरि गोविंद सिंह जी की जयंती मनाते हैं।

हरि गोविंद सिंह जी का जीवन परिचय :-

 हरि गोविंद सिंह जी एक सिख गुरु थे। उन्हें गोविंद के नाम से भी जाना जाता है। वह एक महान सिख गुरु थे।

जन्म 22 दिसंबर
जन्म स्थल पटना
माता का नाम गुजरी
पिता का नाम गुरु तेग बहादुर
बचपन का नाम गोविंद राय
मृत्यु 7 अक्टूबर ( 1708 )
हरि-गोविंद-सिंह-जी-का-जीवन-परिचय

जन्म : हरि गोविंद सिंह –

गुरु हरि गोविंद सिंह का जन्म – 22 दिसंबर 1666 को पटना में हुआ। इनके बचपन का नामगोविंद राय था।

माता पिता : हरि गोविंद सिंह

हरि गोविंद सिंह के पिता का नामगुरु तेग बहादुर तथा इनकी माता का नाम गुजरी था। हरि गोविंद जी के पिता सिखों के नौवें गुरु थे। जब हरि गोविंद जी का जन्म हुआ ,तो उस समय उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी असम में धर्म उपदेश को गए थे।

शिक्षा / बचपन : हरि गोविंद सिंह –

 गुरु गोविंद जी बचपन से ही बुद्धिमान व शक्तिशाली थे। वह विश्व की बलिदानी परंपरा में अद्वितीय थे। गुरु गोविंद जी एक महान लेखक , मौलिक चिंतक कथा संस्कृत साहित्य और कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे। कहते हैं कि गुरु गोविंद ने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की थी। वे विद्वानों के संरक्षक थे। उन्हें सन्त सिपाही भी कहा जाता था , क्योंकि उनके दरबार में 52 कवियों तथा लेखकों की उपस्थिति रहती थी। इस प्रकार गुरु गोविंद एक महान गुरु थे।

मृत्यु : हरि गोविंद सिंह

 गुरु हरि गोविंद जी एक महान सिख गुरु रहे, उन्होंने अनेक ग्रंथों को रचा तथा सभी को ज्ञान का मार्ग दिखाया।,और सिख उन्हें आज गुरु हरि गोविंद नाम से पूजते हैं। गुरु हरि गोविंद जी की मृत्यु 7 अक्टूबर 1708 में हुई थी। उसके बाद से सिख धर्म के लोग उन्हें याद करते हुए हर वर्ष इनकी जयंती मनाते हैं।

गुरु गोविंद जी के महत्वपूर्ण कार्य :-

गुरु गोविंद जी ने अपने जीवन काल में बहुत से महत्वपूर्ण कार्य किए जो निम्न वत है :-

  1. उन्होंने गरीबों की रक्षा के लिए मुगलों के साथ 14  युद्ध लड़े।
  2.  गुरु गोविंद जी ने गरीबों को मुगलों के जुल्म और पापों से बचाया।
  3. गुरु गोविंद जी ने धर्म के लिए अपने समस्त परिवार का बलिदान किया। जिसके लिए उन्हें सरबंसदानी भी कहा जाता है।

गुरु गोविंद जी के अनमोल उपदेश :-

  1.  गुरु गोविंद जी कहते थे कि जब आप अपने अंदर बैठे अंहकार को मिटा देंगे तभी आप को वास्तविक शांति की प्राप्ति होगी
  2. गुरु गोविंद जी उन्हीं को पसंद करते थे जो सच्चाई की राह पर चलता था
  3.  वह ये भी कहते थे कि भगवान ने हम सभी को जन्म दिया है ताकि हम इस संसार में अच्छे कार्य करें और समाज में फैली बुराई को दूर करें
  4.  गुरु गोविंद जी का विचार था कि इंसान से प्रेम करना ही ईश्वर की सच्ची आस्था और भक्ति है
  5. वे यह भी कहते थे की अपने द्वारा किए गए अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं और अच्छे कर्म करने वाले की ईश्वर सदैव सहायता करते हैं

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