सुभाष चंद्र बोस जयंती

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती || Subhash Chandra Bose Jayanti hindi mai

Subhash Chandra Bose Jayanti in hindi : नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती प्रत्येक वर्ष 23 जनवरी को मनाई जाती है। बोस जी का भारत की आजादी में अहम योगदान रहा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने विदेश में रहकर आजाद हिंद फौज की स्थापना की तथा नेता जी का जन्म हिंदू परिवार में हुआ था।

सुभाष चंद्र बोस जयंती तारीख :-

सुभाष चंद्र बोस ने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों की चिंता न करते हुए। अंग्रेजों का सामना बड़ी हिम्मत के साथ किया। उन्होंने अंग्रेजों से लड़ने के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की तथा भारतीयों को हौसला दिया कि हमें अंग्रेजों का गुलाम नहीं बनना है। सुभाष चंद्र बोस जयंती की पुण्यतिथि निम्न है :-

S.No.जयंती || jayantiदिन || day
1.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202123 जनवरी 2021
2.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202223 जनवरी 2022
3.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202323 जनवरी 2023
4.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202423 जनवरी 2024
5.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202523 जनवरी 2025
6.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202623 जनवरी 2026
7.सुभाष चंद्र बोस जयंती 202723 जनवरी 2027
सुभाष-चंद्र-बोस-जयंती-कब-है?

क्यों महत्वपूर्ण है? सुभाष चंद्र बोस जयंती :-

सुभाष चंद्र बोस एक स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका भारत को स्वतंत्र कराने में अहम योगदान रहा। उन्होंने अपने हौसलों से ब्रिटिश सरकार को मुंहतोड़ जवाब दिया तथा भारतीयों को यह समझाया, कि हमें अंग्रेजों का गुलाम नहीं बनना है बल्कि उनकी इस गुलामी को अपने राष्ट्र से दूर करना है। नेताजी का देश के प्रति एक विशेष लगाव था और उन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए बहुत से कष्टों को सहा और अंततः देश की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसके फलस्वरूप आज हम आजाद हैं और विकास के मार्ग पर अग्रसर है।

नेताजी-सुभाष-चंद्र-बोस-जयंती-2021

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व और कृतित्व :-

जैसा कि आज संपूर्ण भारतवर्ष जानता है, कि सुभाष चंद्र बोस भारत के एक महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानी थे। जिनके प्रयासों ने भारत को स्वतंत्र करने के लिए अपना अहम योगदान दिया। वर्तमान समय में नेताजी युवाओं के लिए प्रभावशाली प्रेरणा स्रोत है। भारत की आजादी के संघर्ष के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारतीय राष्ट्रीय सेना( I.N.A) की स्थापना की और नेताजी की उपाधि ग्रहण की।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवनी || Biography of Netaji in hindi :-

जन्म : नेताजी सुभाष चंद्र बोस :

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में हुआ। जिस परिवार में नेताजी का जन्म हुआ, वह एक हिंदू कायस्थ परिवार था।

आरंभिक जीवन :सुभाष चंद्र बोस :

सुभाष चंद्र बोस बचपन से ही बुद्धिमान व दयालु किस्म के बच्चे थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बचपन से संबंधित कुछ प्रसंग बताएं जाते हैं। नेताजी के बचपन से संबंधित एक प्रसंग इस प्रकार है :

“एक बार जब वह अपने बचपन में थे। तो उनके घर के सामने एक बूढ़ी भिखारी रहती थी। तो सुभाष चंद्र बोस को उसकी स्थिति देखकर उन्हें अच्छा नहीं लगता था। उनका दिल दहल उठता था और सोचने लगते की भिखारिन से मेरी हालत कितनी अच्छी है और फिर ऐसा सोचने पर स्वयं शर्म करने लगते।”

माता-पिता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस :

सुभाष चंद्र बोस जी की माता का नाम – प्रभावती था। तथा उनके पिता का नामजानकीनाथ बोस था। बोस के पिता जानकीनाथ बोस कटक शहर की एक मशहूर वकील थे।

सुभाष चंद्र बोस जयंती
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शिक्षा : नेताजी सुभाष चंद्र बोस –

सुभाष चंद्र बोस का जन्म एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। नेताजी को अच्छी शिक्षा प्राप्त हुई। सुभाष चंद्र बोस ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कटक की एक प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। उसके बाद उनकी शिक्षा स्कॉटिश चर्च कॉलेज और कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से हुई, जहां सुभाष चंद्र बोस ने दर्शनशास्त्र से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के महत्वपूर्ण कार्य :-

  • सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना कर अंग्रेजी सेना को खुली चुनौती ।
  • सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज को संबोधित करते हुए दिल्ली चलो का नारा दिया था।
  • महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कह कर संबोधित करने वाली प्रथम व्यक्ति सुभाष चंद्र बोस ही थे।
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बोस जयंती के लिए प्रेरक प्रसंग || inspirational quotes for bose jayanti hindi mai :-

वैसे तो सुभाष चंद्र बोस की जीवन से जुड़े कई बहुत सारे प्रसंग प्रचलित है। लेकिन उनकी देशभक्ति से जुड़ा एक प्रमुख प्रसंग इस प्रकार है:
एक बार की बात है, जब एक विद्यार्थी ने सुभाष चंद्र बोस को कहा कि, वैसे तो तुम बड़े देशभक्त बने फिरते हो, परंतु अपनी ही भाषा में तुम कमजोर हो। यह बात नेता जी को बहुत बुरी लगी और उन्होंने अंदर ही अंदर अपने मन में निश्चय कर लिया कि, मैं अब अपनी मातृभाषा को अवश्य सीख लूंगा यही विचार उन्हें सभी से अलग बनाता है।

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