भारत में चौहान वंश

भारत में चौहान वंश || Chauhan dynasty of India in hindi || Now Gyan

चौहान वंश का इतिहास || History of Chauhan Dynasty In Hindi :-

चौहान वंश भारत के प्रमुख राजवंशों में से एक था। जिसके शासको ने वर्तमान राजस्थान, गुजरात तथा इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में शासन किया ।

  • चौहान वंश का शासन काल 9वीं शताब्दी से लेकर 22 वीं शताब्दी तक माना जाता है।
  • चौहान वंश के द्वारा शासित क्षेत्र को सपादलक्ष कहते हैं।
  • चौहान वंश को चाहमान वंश के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह कहा जाता है, कि चौहान वंश का गोत्र राजपूत था।
चौहान वंश
चौहान-वंश || Chauhan-vansh

चौहान वंश की उत्पत्ति || Origin of Chauhan Dynasty in hindi :-

कुछ कथाओं के अनुसार यह कहा जाता है कि चौहान वंश की उत्पत्ति आबू पर्वत पर ऋषियों के द्वारा किए गए यज्ञ से हुई थी। चौहान वंश के संस्थापक राजा वासुदेव चौहान को माना जाता है। तथा यहां तक कहा जाता है कि चौहान वंशीय जयपुर के साम्भर तालाब के आस-पास के इलाकों में रहते थे।

राजस्थान के चौहान वंश || Chauhan dynasty of Rajesthan :-

  1. चौहान वंश एक भारतीय राजपूत वंश था।
  2. अजयराज चौहान ने 1113 ईस्वी में अजमेर नगर की स्थापना की।
  3. अजय राज चौहान के पुत्र आनाजी ने अजमेर में आनासागर झील का निर्माण करवाकर जनोपयोगी कार्यों में अपनी भूमिका निभाई।

अजमेर के चौहान वंश || Chauhan dynasty of Ajmer :-

  • अजयराज 1113 में चौहान वंश का शासक बना।
  • अजयराज ने 1113 में अजमेर की स्थापना अजयमेरु नाम से की।
  • अजयराज ने अजमेर को अपने साम्राज्य की राजधानी बना दिया।
  • अजयराज का काल चौहान साम्राज्य में निर्माण का काल माना जाता है।
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नाडोल के चौहान वंश || Chauhan dynasty of Ajmer Nadol:-

नाडोल के चौहान वंश जो कि नदुल के चाहमान के नाम से भी जाने जाते थे। यह प्राचीन भारत का एक प्रमुख राजवंश था। जिसे वर्तमान समय में नाडोल के नाम से भी जाना जाता है। जो कि वर्तमान समय में राजस्थान के पाली जिले में स्थित है। इस राजवंश के संस्थापक लक्ष्मण को माना जाता है। जो कि लाखा के नाम से प्रसिद्ध थे।

जालौर के चौहान वंश || Chauhan dynasty of Jalore Hindi: –

जालौर का चौहान वंश भारत के एक प्राचीनतम वंशो में से एक था। दशरथ शर्मा के अनुसार प्रतिहार शासक जिनका नाम नागभट्ट प्रथम था। उन्होंने जालौर को अपनी राजधानी बनाया। इन्होंने जालौर दुर्ग का निर्माण करवाया तथा प्रतिहारों के बाद परमारो ने क्षेत्र में अपना शासन स्थापित किया। यह कहा जाता है, कि जालौर में चौहान वंश की स्थापना नाडोल के शासक के पुत्र कीर्तिपाल चौहान के द्वारा 1182 ईस्वी में की गई।

  • जालौर का प्राचीन नाम जाबालीपुर था जोकि गुर्जर प्रदेश का एक भाग था।
  • कहा जाता है, कि पहले जालौर में प्रतिहारों का शासन क्षेत्र था।
  • सूचनाओं के मुताबिक यहां प्रतिहारों के बाद परमारो ने इस क्षेत्र में अपना शासन स्थापित किया।

सिरोही के चौहान || Chauhan dynasty of Sirohi :-

सिरोही के राजा जिनका नाम देवड़ाभाखा था जो कि चौहान वंश के राजपूत थे। उनके आदि पुरुष लांबा ने 1311 ईस्वी में आबू तथा चंद्रावती को पर शमारो से छीन कर। वहां स्वतंत्र सत्ता स्थापित की। उनके उत्तराधिकारी तेजसिंह कान्हडदेव तथा रायमाल थे।

हाडोती के चौहान || Chauhan of Hadoti In hindi :-

हाडोती के चौहान वंश के प्रमुख शासक निम्नलिखित थे:-

  • देव सिंह [ Dev Singh ]
  • राव समरसिंह [ Rao Samarsingh ]
  • राव नापूजी [ Rao Napuji ]
  • राव वीरसिंह [ Rao Veer Singh ]
  • राव सुर्जन सिंह [ Rao Surjan Singh ]
  • राव भोज [ Rao Bhoj ]
  • राव रतन सिंह [ Rao Ratan Singh ]

हाड़ा चौहान का इतिहास || Hada chuhan ka itihas :-

लगभग 1241 ईसवी के आसपास हाड़ा चौहान देवा ने मीणा शासक जैता को पराजित कर दिया। तब यहाँ चौहान वंश की स्थापना की गई। देव सिंह ने गंगेश्वरी देवी का मंदिर और अमरधूण में एक बावड़ी का निर्माण करवाया।

बूंदी के चौहान || Chauhan’s of Bundi In Hindi :-

  • जयसिंह ने करवर के जहागीरदार सलीम सिंह के पुत्र को बूंदी का शासक नियुक्त किया है। जिसका नाम दलेल सिंह था।
  • यह कहा जाता है कि राजस्थान में मराठा का प्रवेश सर्वप्रथम बूंदी राज्य में हुआ।
  • जब होल्कर ने बूंदी पर आक्रमण किया तो सारा राज्य भार उम्मेद सिंह को सौंपा।
  • इसके साथ 25 मार्च 1948 को बूंदी का राजस्थान में विलय हो गया।
चौहान वंश की कुलदेवी
चौहान-वंश-की-कुलदेवी

चौहान वंश के प्रमुख शासकों के नाम :-

चौहान वंश के प्रमुख शासकों के नाम निम्नलिखित हैं:-

  1. चाहमान [ Chahaman ]
  2. वासुदेव [ vasudev ]
  3. सामंत राज [ Samant raj ]
  4. नारा-देव [ Nara Dev ]
  5. अजय राज प्रथम [ Ajay Raj partha }
  6. अजयपाल [ Ajaypal ]
  7. विग्रहराज प्रथम [ Vigraharaja I ]
  8. चंद्रराज प्रथम [ Chandraraj I ]
  9. गोपेंद्र राज [ gopendra raj ]
  10. पृथ्वीराज [ Prithviraj ]
  11. पृथ्वीराज द्वितीय [ Prithviraj II ]
  12. पृथ्वीराज तृतीय [ Prithviraj III ]
  13. गोविंद राज [ Govind Raj ]
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लोनिया चौहान की वंशावली || Lonia Chauhan ki vanshwali :-

कहा जाता है कि लोनिया चौहान, भारत के उत्तर प्रदेश में पाए जाते थे। इनकी जाति हिंदू राजपूत थी। लोनिया चौहान की एक शाखा भी थी। यह परंपरागत रूप से नमक बनाने वाले थे।अजमेर के चौहानों के शासकों के समय ये सैनिक थे।

चौहान वंश की कुलदेवी || chuhan vansh ki kuldevi :-

नाडोल के चौहान आशापुरा माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। इसी के साथ यह भी कहा जाता है, कि चौहान वंश के राजा को माता ने दर्शन दिए तभी से ही माताजी को आशापुरा के रूप में पूजा जाता है। और उन्हें कुलदेवी भी कहा जाता है।

महत्वपूर्ण प्रश्न || important questions

पृथ्वीराज चौहान के वंशज कौन है?

पृथ्वी राज चौहान के वंशज नकुल है। यह बात बहुत ही कम लोग जानते हैं।

चौहान कितने प्रकार के होते हैं?

चौहान मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
राज चौहान।
• चौहान।

चौहानों की कुल कितने वंश हैं?

सूत्रों के मुताबिक चौहानों की 72 वंश हैं
10 सूर्यवंशी
10 चंद्रवंशी
12 ऋषिवंशीय
4 अग्निवंशीय

36 क्षत्रिय वंश हैं।

पृथ्वीराज चौहान कैसे मारे गए?

यह कहा जाता है कि, मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को तराइन के दूसरे युद्ध में हराकर बंदी बना लिया और फिर अजमेर में उनकी हत्या करवा दी।

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