दिल्ली सल्तनत

दिल्ली सल्तनत का परिचय || Delhi Sultanate In Hindi || Now Gyan

दिल्ली सल्तनत का इतिहास बड़ा ही रोचक रहा। 11 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध एवं 12वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारत में तुर्कों ने आक्रमण किया। तुर्की आक्रमण के प्रथम नेतृत्वकर्ता मोहम्मद गजनी और मोहम्मद गौरी थे। दिल्ली सल्तनत की स्थापना में प्रथम तुर्की आक्रमण की सफलता को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

दिल्ली सल्तनत के प्रमुख वंश || Dynasties of Delhi Sultanate In hindi :-

दिल्ली सल्तनत बहुत ही विशाल सल्तनत था। इसमें बहुत से राजवंशों ने शासन किया। कुछ प्रमुख राजवंशों का विवरण निम्नवत दिया गया है :-

  1. गुलाम वंश [ Gulam dynasty ]
  2. खिलजी वंश [ khilji dynasty ]
  3. तुगलक वंश [ Tuglak dynasty ]
  4. सैयद वंश [ sayed dynasty ]
  5. लोदी वंश [ Lodi dynasty ]
दिल्ली सल्तनत || delhi saltant,
दिल्ली-सल्तनत||delhi-saltant

गुलाम वंश || Gulam dynasty in Hindi :-

गुलाम वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी। इसे मामूलक वंश अथवा दास वंश के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान भारत में वृहद स्तर पर इस्लामिक शासन की स्थापना हुई। मोहम्मद गोरी ने उत्तर भारत के क्षेत्रों को जीतकर वहां पर कुतुबुद्दीन ऐबक को गवर्नर नियुक्त कर दिया। तत्पश्चात मोहम्मद गौरी व मोहम्मद गजनी लौट गए।

खिलजी वंश || Khilji dynasty in hindi :-

खिलजी वंश मध्यकालीन भारत का एक प्रमुख राजवंश था। दिल्ली की मुस्लिम सल्तनत में दूसरा शासक परिवार था। हालांकि खिलजी कबीला लंबे समय से अफगानिस्तान में बसा हुआ था।

  • यह राजवंश भी मूलतः तुर्किस्तान का था।
  • खिलजी वंश की स्थापना के साथ संस्कृत में नस्लवादी प्रवृत्ति का अंत हुआ।

तुगलक वंश || tuglak dynasty hindi mai :-

दिल्ली सल्तनत का एक प्रमुख राजवंश था। तुगलक वंश ने 1320 से लेकर 1414 तक दिल्ली की सत्ता पर राज किया। गयासुद्दीन तुगलक ने तुगलक वंश की स्थापना की। जिसने 96 वर्षो तक दिल्ली सल्तनत पर राज किया। गयासुद्दीन का पुत्र मोहम्मद बिन तुगलक तथा उसका उत्तराधिकारी फिरोजशाह तुगलक था।

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सैयद वंश || Sayyid dynasty in hindi :-

सैयद वंश दिल्ली सल्तनत का चतुर्थ प्रमुख राजवंश था। जिसने कई वर्षों तक दिल्ली की सत्ता पर राज किया। इन्होंने अपने वंश की स्थापना तुगलक वंश के बाद की। तैमूर के लगातार आक्रमण के कारण दिल्ली सल्तनत का केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह से हताश हो चुका था। उसे पूरी तरह से लूट लिया गया था।

लोदी वंश || loddidynasty In hindi :-

लोदी वंश ने दिल्ली सल्तनत के अंतिम चरण में दिल्ली पर शासन किया। इन्होंने 1451 से लेकर 1526 तक शासन किया। दिल्ली का प्रथम अफगानी शासन परिवार लोदीयों का ही था। वह एक अफगान कबीले से जुडे हुए थे। जो सुलेमान पर्वत के पहाड़ी क्षेत्रों में रहा करते थे। अपने पड़ोसी सूर, नियाजी और नूहानी कबीलों की ही तरह गिलजाई कबीले से जुड़े हुए थे।

दिल्ली सल्तनत || delhi saltant
दिल्ली-सल्तनत-delhi saltanthindi-mai

दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक व्यवस्था :-

दिल्ली सल्तनत का प्रशासन अरबी-फारसी पद्धति पर आधारित था। इस प्रशासन का केंद्र बिंदु राजा या सुल्तान होता था। यह सुल्तान खुदा के नाम पर शासन करता था। जबकि वास्तविक सत्ता सुन्नी भ्रातृत्व भासना अथवा मिल्लत में निहीत थी।

दिल्ली सल्तनत के पतन के कारण || Delhi Sultanate ke patan ke karan :-

दिल्ली सल्तनत बहुत ही विशाल सल्तनत थी जिसके पतन का कोई एक प्रमुख कारण नहीं था। बल्कि अनेक कारणों की वजह से दिल्ली सल्तनत का पतन हो गया। जिसके कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित है :-

  1. स्वइच्छाधारी तथा निरंकुश शासन।
  2. विशाल साम्राज्य।
  3. केंद्रीय शक्ति की दुर्बलता।
  4. प्रजा का असहयोग।
  5. सहिष्णुता का अभाव।
  6. दरबार में एकता का अभाव।
  7. मोहम्मद बिन तुगलक की व्यावहारिक नीति।
  8. फिरोज तुगलक का उत्तरदायित्व।

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